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बच्चों में हरित आदत कैसे पैदा करें

  बच्चों में हरित आदत कैसे पैदा करें हरित आदतें बच्चों के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये उन्हें पर्यावरण संरक्षण और साइकिल बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं। बच्चों को हरित आदतें पैदा करने के लिए, निम्नलिखित सुझाव आपकी मदद कर सकते हैं: 1. प्रकृति के साथ समय बिताएं:    अपने बच्चों को प्रकृति के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें, जैसे कि पार्क में समय बिताना, हाइकिंग करना, या गार्डनिंग करना। 2. पौधों को पालना:    एक छोटे से बच्चे के लिए एक छोटा सा पौधा पालना बेहद शिक्षाप्रद हो सकता है। उन्हें उस पौधे की देखभाल करना और उसके बढ़ने की प्रक्रिया को समझने का मौका मिलेगा। 3. जल संरक्षण की शिक्षा:   अपने बच्चों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में शिक्षा दें। उन्हें यह सिखाएं कि पानी को बचाने के लिए बिजली की सबसे अधिक उपयोग करने वाले उपकरणों को बंद करना है। 4. खेलों और गतिविधियों में हरितता को शामिल करें:    खेलों और गतिविधियों के दौरान हरित विचारों को समाहित करने के लिए आपके बच्चों को प्रोत्साहित करें। 5. उदाहरण प्रस्तुत करें:    आप ...

5 ऐसे पौधे जिन्हें हम अपने घर के अंदर रख सकते हैं

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5 ऐसे पौधे जिन्हें हम अपने घर के अंदर रख सकते हैं घर के अंदर पौधों को लगाना आपके घर की सुंदरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ आपके घर का वातावरण भी शुद्ध कर सकता है और जीवों के लिए एक नया आवास प्रदान कर सकता है। यहां, मैं आपको घर के अंदर रखने के लिए 5 ऐसे पौधों के नाम देता हूँ जिन्हें आप अपने घर में प्रयोग कर सकते हैं: **1. सनसेवियर (Snake Plant):** सनसेवियर एक आकर्षक और आसानी से पालने वाला पौधा है जिसके पत्तों पर विशेष तरह के यौगिक होते हैं जो रात के समय ऑक्सीजन को बढ़ावा देते हैं। यह घर के अंदर के वातावरण को शुद्ध करने के लिए बेहद उपयोगी है। **2. पीस लिली (Peace Lily):** पीस लिली एक खूबसूरत पौधा है जो घर के अंदर के वातावरण को स्वच्छ करने के लिए मशहूर है। इसकी छाया टोलरेंस बेहद अच्छी होती है और यह ऑक्सीजन को बढ़ावा देता है। **3. फिकसस (Ficus):** फिकसस पौधा बहुत ही आकर्षक होता है और यह अंदर के वातावरण को बेहद शुद्ध कर सकता है। इसकी बड़ी पत्तियां विषाणुओं को हटाने में मदद करती हैं और हवा को शुद्ध करती हैं। **4. आलोवेरा (Aloe Vera):** आलोवेरा पौधा घर में रखने के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि इस...

अपने घर को ग्रीन लिविंग की तरफ कैसे ले चलें

अपने घर को ग्रीन लिविंग की तरफ कैसे ले चलें  पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों की सीमितता और पर्याप्त जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बावजूद, हर किसी की जिम्मेदारी है कि हम अपने घर को हरित जीवनशैली में बदलें। यह हमारे और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि आप कैसे अपने घर को हरित जीवनशैली में बदल सकते हैं। 1. ऊर्जा की बचत:   LED बल्बों का उपयोग: पारंपरिक बल्बों की तुलना में LED बल्ब बेहद ऊर्जा ईफिशेंट होते हैं। इन्हें अपने घर के सभी बल्बों के लिए उपयोग करें।   सोलर पैनल: अपने घर पर सोलर पैनल स्थापित करने से आप सुन्दर तरीके से बिजली प्राप्त कर सकते हैं और बिजली की बचत कर सकते हैं।   ऊर्जा संरक्षण उपकरण: ऊर्जा संरक्षण उपकरणों का उपयोग करके अपनी बिजली की खपत को कम करें, जैसे कि स्मार्ट थर्मॉस्टेट और ऊर्जा स्टार अनुमति धारक उपकरण जैसे की 5 स्टार । 2. जल संरक्षण:    - जल संचयन: बारिश के पानी को संचित करने के लिए बर्लस या रेनवॉटर हार्वेस्टिंग का उपयोग करें।    - जल सांचा: टॉयले...

रिसर्च पेपर में य जर्नल य अकादमिक पेपर में कौन से टेंस का प्रयोग करना चाहिए ? और कैसे?

रिसर्च पेपर में य जर्नल य अकादमिक पेपर  में कौन से टेंस का प्रयोग करना चाहिए ? और कैसे? एक अकादमी पेपर लिखने के लिए हमें कुछ चीजों का बहुत ध्यान रखना होता है जैसे कि उसका verb tense क्या होना चाहिए। आपको यह लगेगा कि जब सारी स्टडी पहले हो चुकी है य कंप्लीट हो चुकी है तो क्या मुझे सिंपल पास्ट टेंस(Past Tense ) का यूज करना चाहिए तो जवाब है : नहीं    आइए अब इसको समझते हैं.  यह आर्टिकल इस बात का पर फोकस करेगा कि आपको verb tense किसी रिसर्च पेपर में कैसे यूज़ करना चाहिए। यहां हम  verb tense के जो सबसे कॉमन रूल है उनको एक्सप्लेन करेंगे रिसर्च पेपर के लिए। कुछ थंब रूल प्रेजेंट ,पास्ट और परफेक्ट टेंस के  लिए  प्रजेंट टेंस प्रेजेंट टेंस का यूज किया जाता है किसी जनरल फैक्ट्स  को डिस्कस करने के लिए या किसी करंट मीनिंग को डिस्कस करने के लिए या किसी फ्यूचर एप्लीकेशन को बताने के लिए। इसका प्रयोग आप हमेशा वहां करिए जहां पर जनरल साइंटिफिक फैक्ट को आप डिस्कस कर रहे हैं क्योंकि वह कभी नहीं बदलता। Ex. Temperature and pressure regulate the conversion in supercrit...

बाइक/स्कूटर रेलवे से भेजना/ट्रांसपोर्ट

बाइक को Delhi से आसनसोल  भेजने  का एक अनुभव  : (यह मेरा ब्यक्तिगत अनुभव है पार्सल ऑफिसमे बाइक बुकिंग करते समय/यह एक गाइडेंस/दिशा निर्देश मात्र है। इसे पूर्णतया रेलवे नियम नहीं माना जा सकता।अधिक जानकारी तथा नए नियमो के लिए रेल wawsite को पढ़े  ) मित्रों यदि आप अपनी बाइक या स्कूटर को ट्रैन से delhi  से अपने होम टाउन या अपने काम की जगह ले जाना चाहते है तो आपको कुछ बातो पर  ध्यान देना होगा।और इस प्रकार आप अपना समय और पैसा बचा सकते है तथा होने वाली बेकार की परेशानियों से बच सकते है. वैसे तो रेलवे से आप अपनी बाइक दो तरीके से भेज सकते है ;     पहला लगेज के  रूप में  दूसरा पार्सल के रूप में  लेकिन  delhi और आनंद विहार से यदि आप बाइक भेज रहे है तो आपको पहला विकल्प चुनना होगा क्योकि किन्ही सिक्योरिटी रीज़न की वजह से बाइक का पार्सल इन स्टेशन से नहीं किया जाता है.(ऐसा बहुत से लोंगो ने बताया है. यह आधिकारिक रूल नहीं है बल्कि ब्यवहारिक नियम है  ) . delhi  के बाहर के स्टेशन्स से  आप दोन...

सेकंड हैंड कार/वाहन/वेहिकल के बारे में क्रिमिनल हिस्टरी कैसे पता करे ? NCRB report for Vehicle

यदि आप एक सेकंड हैंड कार खरीदने जा रहे है तो  कार/ वाहन के क्रिमिनल रिकॉर्ड के बारे में  जानना बहुत  जरूरी है. इसके अतिरिक्त यह RTO ऑफिसेस में भी माँगा जा सकता है जब  आप व्हीकल की ओनरशिप या एड्रेस चेंज करवा रहे हो।  या फिर व्हीकल का ट्रांसफर एक डिस्ट्रिक्ट से दूसरे डिस्ट्रिक्ट या दूसरे स्टेट  में केर रहे हो।    इसके लिए आपके पास एक गजब का टूल है जो की गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया की वेबसाइट है. जिस पर जाके आप यह पता लगा सकते है की इस गाडी का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड है या नहीं। इसके लिए मैंने लिंक नीचे दे दिया है. आप उस लिंक के माध्यम से वहा जा सकते है. वैसे वेबसाइट का नाम  https://ncrb.gov.in है।  यद्द्पि  तो जिस जिले की रजिस्टर्ड व्हीकल है वहा के एसएसपी ऑफिस में जाके क्रिमनल रिकॉर्ड जिसे  आप परचेस कर रहे है, निकलवा है।   यह एक कंप्यूटर डाटा बेस पर आधारित सुचना है। इसकी आप प्रिंट आउट ले सकते है।  NCRB report for Vehicle youtube video link राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो   वाहन के बारे मे क्रिमिनल रिकार्द  

हेलमेट खरीदने में ना करे नादानी

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हेलमेट खरीदते समय करें 5 नियमों का पालन पहला नियम हेलमेट आई एस आई मार्क का होना चाहिए दूसरा नियम इसका अधिकतम वजन 1.2 किलोग्राम से ज्यादा ना होऔर 700 ग्राम से कम भी ना तीसरा नियम हेलमेट के अंदर का पॉलीस्टारईन यानी जो गद्दा होता है वह अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए चौथा नियम हेलमेट को पकड़ने वाला बक्कल भी अच्छी क्वालिटी का होना चाहिएसे कम से कम 200किलोग्राम वजन वजन सहना चाहिए पांचवा नियम हेलमेट में आगे की स्क्रीन ग्लास का नहीं होना चाहिए यह फाइबर क्लास का होना चाहिए और यह इतना मजबूत होता है कि आप इस पर खड़े हो जाए तब भी नहीं टूटेगा..और इस पर स्क्रैच भी नहीं पढ़ना चाहिए तो सस्ते हेलमेट से दूरी बनाई है और अपनी जान सही सलामत रखिए. अच्छी क्वालिटी के हेलमेट की कीमत 600सो रुपए से स्टार्ट होती है. हेलमेट बनाने की ब्रांडेड कंपनियां है स्टीलबर्ड,मैंबॉक्स,स्टड,बेगा इत्यादि.